सफाई देने के बाद भी, हाईकोर्ट ने आईएएस अधिकारी को जमकर फटकारा, कहा-दोषी एक दर्जन अधिकारियों पर तत्काल दर्ज कराएं एफआईआर
बिलासपुर । हाईकर्ट ने एनआरडीए यानी नवा रायपुर विकास प्राधिकरण सीईओ को फटकार लगाया है। हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर किया है कि महत्वपूर्ण मसले पर सुनवाई के लिए जूनियर अधिकारी को भेजा गया। यह जानते हुए भी भूखण्ड किसी उद्योग को पहले से ही आवंटित है। मामला कोर्ट में चल रहा है। बावजूद इसके भूखण्ड किसी दूसरे को आवंटित किया जाना गंभीर है। हाईकोर्ट ने आईएएस सौरभ कुमार को फटकार लगाते हुए जमीन 12 अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने का निर्देश दिया। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नवा रायपुर विकास प्राधिकरण को भूखण्ड वितरण मामले में सीईओ आईएएस सौरभ कुमार को जमकर फटकारा है। हाईकोर्ट ने सीईओ को निर्देश दिया है कि भूखण्ड आबंटित करने वाली पूरी कमेटी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करें। हाईकोर्ट ने कहा कि यह जानते हुए भी कि भूखंड को एक उद्योग के नाम पर 27 सितम्बर 2021को आबंटित किया गया है। बावजूद इसके भूमि का वितरण किया गया। हाईकोर्ट ने एनआरडीए के एफिडेविट को लेकर भी नाराजगी जाहिर किया। साथ ही सुनवाई में सीईओ की जगह जूनियर अधिकारी को भेजने पर असंतोष जताया। हाईकोर्ट ने दुहराया कि भूखण्ड आवंटनका मामला कोर्ट में विचाराधीन है। लेकिन प्राधिकरण ने याचिका पर अंतिम निर्णय आने से पहले ही 2023 में भूखण्ड को आवंटित कर दिया। नाराज हाईकोर्ट से बचने के लिए अधिकारी ने बताने का प्रयास किया कि तत्कालीन समय पद पर नहीं थे। इसके बाद कोर्ट ने 12 अधिकारियों पर तत्काल एफआईआर दर्जन करने को कहा।
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