गंगा की तरह पवित्र है इस तालाब का पानी, नहाने से ठीक हो जाते हैं कई रोग
आधुनिकता की चकाचौंध में तालाबों का अस्तित्व खतरे में है, अतिक्रमण के चलते जल के प्रमुख स्रोत विलुप्ति की कगार पर हैं. लेकिन कोरबा जिले के पटियापाली गांव के ग्रामीणों ने अपने गांव के एक पुराने तालाब को सहेज कर रखा है. यह तालाब न केवल जल का स्रोत है, बल्कि ग्रामीणों की अटूट आस्था का केंद्र भी है.
ग्रामीण इसे ‘तरिया देवी’ के नाम से पुकारते हैं और मानते हैं कि इसमें सात देवियों का वास है. मान्यता है कि इस तालाब का पानी गंगा के समान पवित्र है और इसमें औषधीय गुण मौजूद हैं. ग्रामीणों का कहना है कि इस तालाब में स्नान करने से त्वचा रोग और कई तरह की बीमारियां ठीक हो जाती हैं.
यह तालाब लगभग 100 से 120 साल पुराना है और इसे ‘बड़ा तालाब’ के नाम से जाना जाता है. पुराने समय में यह तालाब आसपास के कई गांवों के लिए ना सिर्फ निस्तारी, बल्कि पीने के पानी का भी एकमात्र स्रोत था.
आधुनिकता की चकाचौंध में तालाबों का अस्तित्व खतरे में है, अतिक्रमण के चलते जल के प्रमुख स्रोत विलुप्ति की कगार पर हैं. लेकिन कोरबा जिले के पटियापाली गांव के ग्रामीणों ने अपने गांव के एक पुराने तालाब को सहेज कर रखा है. यह तालाब न केवल जल का स्रोत है, बल्कि ग्रामीणों की अटूट आस्था का केंद्र भी है.
ग्रामीण इसे ‘तरिया देवी’ के नाम से पुकारते हैं और मानते हैं कि इसमें सात देवियों का वास है. मान्यता है कि इस तालाब का पानी गंगा के समान पवित्र है और इसमें औषधीय गुण मौजूद हैं. ग्रामीणों का कहना है कि इस तालाब में स्नान करने से त्वचा रोग और कई तरह की बीमारियां ठीक हो जाती हैं.
यह तालाब लगभग 100 से 120 साल पुराना है और इसे ‘बड़ा तालाब’ के नाम से जाना जाता है. पुराने समय में यह तालाब आसपास के कई गांवों के लिए ना सिर्फ निस्तारी, बल्कि पीने के पानी का भी एकमात्र स्रोत था.
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