भोपाल में ओले और वज्रपात के साथ भारी बारिश का अलर्ट
भोपाल। राजधानी भोपाल सहित अधिकांश शहरों में सावन सा मौसम देखने को मिला। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए प्रदेश के करीब 40 जिलों में बारिश, ओले और वज्रपात का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। इसमें नर्मदापुरम संभाग के जिलों में 50 से 60 किलोमीटर गिरफ्तार से हवा भी चल सकती है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि शुक्रवार के बाद से प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बदलाव के साथ ही दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। वहीं 7 अप्रैल से प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू चलने की भी संभावना है। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में सबसे अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। दूसरी ओर रात का न्यूनतम तापमान सीधी जिले में 15.2 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के सागर जिले के मल्थोन में सबसे अधिक 5 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा नरसिंहपुर, पन्ना, सिवनी, दमोह, छतरपुर, डिंडोरी, बालाघाट, मंडला, उमरिया, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़ और जबलपुर में बारिश दर्ज हुई। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के पचोर में सबसे ज्यादा 13 मिमी बारिश देखने को मिली। इसके अलावा अशोकनगर, विदिशा, धार, बैतूल, गुना, रायसेन, मंदसौर, नर्मदापुरम, आगर-मालवा, बड़वानी, बुरहानपुर, भोपाल, शाजापुर, सीहोर और खंडवा में भी बारिश का दौर देखा गया।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 40 जिलों में बारिश, वज्रपात और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। इसमें नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुरना जिलों में बारिश, वज्रपात और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट है। इसके अलावा भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ निवाड़ी और मैहर जिलों में वज्रपात और हल्की बूंदाबांदी के साथ हवाएं चल सकती हैं। मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के पूर्वी व पश्चिम में जिलों में बारिश का दौर देखने को मिला है। करीब 40 जिलों मे आंधी तूफान देखा गया। वर्तमान समय के सक्रिय सिस्टम की बात करें तो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रक लाइन दोनों ही प्रदेश के अधिकांश शहरों में असर डाल रही है। इसके साथ ही वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी प्रदेश में इस समय सक्रिय बना हुआ है। सिस्टम के जाने के बाद 7 अप्रैल से एक बार फिर मौसम में बदलाव के साथ ही लू का असर देखने को मिलेगा।
इंद्रावती नदी पर फुंदरी पुल से बदलेगी अबूझमाड़ की तस्वीर
ससुराल में दामाद की बेरहमी से हत्या, 4 दिन बाद मिला शव
Simhastha पर अदालत सख्त, Shipra River किनारे 200 मीटर में निर्माण पर रोक
West Bengal में नई विधानसभा के गठन के लिए अधिसूचना जारी