इंदौर में कुत्ते, बिल्ली और गाय के अंतिम संस्कार की तैयारी, हरियाणा कंपनी बनाएगी श्मशान घाट
इंदौर: देश के सबसे स्वच्छ शहर में घर के पालतू जानवरों को भी जहां-तहां दफनाना नहीं पड़ेगा. दरअसल, इंदौर नगर निगम ने अब जानवरों के अंतिम संस्कार की भी व्यवस्था की है. इसके लिए हरियाणा की एक कंपनी को पीपीपी मोड पर ठेका दिया है जो 5 साल तक इंदौर शहर के मृत पशुओं का अंतिम संस्कार करेगी. दरअसल, शहर में जिस भी जानवर की मौत होती है तो उसे पशुपालक द्वारा कही भी जमीन में गड्ढा करके गाढ़ दिया जाता है. इसके कारण कई बार जमीन के ऊपर भी बदबू आती है. इसके साथ ही जमीन के अंदर का जल भी दूषित हो जाता है.
हरियाणा की कंपनी से नगर निगम का अनुबंध
नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने बताया, ''इस स्थिति को समाप्त करने के लिए इंदौर नगर निगम ने जानवरों का अंतिम संस्कार करने का प्लांट लगाने और उसका संचालन करने के लिए निजी क्षेत्र को आमंत्रित किया था. निगम के समक्ष पांच कंपनियों ने इस काम को करने की पेशकश की. इसमें से हरियाणा की कंपनी माइक्रोटेक को इस काम को करने के लिए चुना गया है. यह कंपनी 5 साल तक प्लांट का निर्माण कर उसका संचालन का कार्य करेगी. इसके एवज में नगर निगम को इस कंपनी को 3 करोड रुपए देना होंगे. यह कार्य शुरू होने के साथ ही मध्य प्रदेश में इंदौर पहला ऐसा शहर हो जाएगा जहां पर की जानवरों का अंतिम संस्कार होगा.
नाम मात्र के शुल्क पर होगा अंतिम संस्कार
इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने बताया कि, ''इस केंद्र के शुरू हो जाने के बाद नई सेवा भी शुरू की जा सकती है. इसके तहत लोगों के द्वारा घर पर पाले जाने वाले पालतू जानवर की मौत होने पर उस जानवर का भी अंतिम संस्कार इस केंद्र पर एक निश्चित शुल्क लेकर किया जा सकेगा. इस व्यवस्था को आने वाले समय में शुरू करने के लिए भी तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके लिए 311 एप पर भी केटगरी का निर्धारण किया गया है. जहां से ऑनलाइन बुकिंग पर भी पशुपालक इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे.
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