राजधानी की तर्ज पर बलौदाबाजार में होगा अत्याधुनिक शैक्षिक सुविधा से लैस नालंदा परिसर का निर्माण
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रदेश के सभी जिलों में नालंदा परिसर का निर्माण किया जा रहा है। अत्याधुनिक शैक्षिक सुविधा से लैस नालंदा परिसर का निर्माण उन विद्यार्थियों के लिए लाभदायक होगा जो छोटे शहरों में रहकर उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई करना चाहते हैं या फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। यह परिसर अपनी विश्वस्तरीय लाइब्रेरी और स्मार्ट स्टडी जोन के लिए प्रसिद्ध है। यहां सातों दिन 24 घंटा वाईफाई और हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा मिलती है। यह परिसर सिविल सर्विसेज, मेडिकल, इंजीनियरिंग, CLAT और मैथ्स ओलंपियाड जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए संसाधन और मार्गदर्शन प्रदान करता है।
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने जिला मुख्यालय बलौदाबाजार में करोड़ों की लागत से तैयार हो रहे महत्वपूर्ण विकास कार्यों का निरीक्षण कर स्थल भ्रमण किया। उन्होंने निर्माण हेतु उपयुक्त स्थल सहित अन्य जरुरी निर्देश अधिकारियों क़ो दिये। इस दौरान कलेक्टर दीपक सोनी, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी भी साथ थे।
जिला मुख्यालय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु युवाओं के लिए नालंदा परिसर का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए मंत्री वर्मा ने शहर के वार्ड क्रमांक-20 स्थित 29 क्वार्टऱ के पास के स्थान क़ो उपयुक्त मानते हुए स्थल निर्धारित किया। यहां राजधानी रायपुर की तर्ज पर 4 करोड़ रूपए से अधिक की लागत से नालंदा परिसर का निर्माण होगा। परिसर में 250 सीटर लाइब्रेरी के साथ इंटरनेट सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी।
इसी तरह खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 15 करोड़ रूपए से अधिक की लागत से बनने वाले मल्टी परपज हॉल निर्माण हेतु आउट डोर स्टेडियम ग्राउंड के पीछे खाली जमीन क़ो चिन्हांकित किया गया। वहीं स्टेडियम ग्राउंड में 9 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले एथलेटिक्स ट्रैक का भी जायजा लिया। राजस्व मंत्री ने यहां जमीन के एक किनारे स्थित मुक्तिधाम के लिए शेड निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने नगर पालिका अधिकारी क़ो निर्देशित किया।
राजस्व मंत्री ने फायर स्टेशन निर्माण हेतु शाश्वत स्कूल के पास खाली जमीन का भी मुआयना किया और फायर स्टेशन के लिए स्थल चिन्हांकन किया। वर्तमान में फायर स्टेशन सकरी में है जो शहर से करीब 4 किलोमीटर दूर है। दूर होने के कारण फायर ब्रिगेड क़ो पहुंचने में देर हो जाती है जिससे शहर में किसी दुर्घटना या आपातकालीन स्थिति से निपटने में तत्काल सुविधा मिलने में दिक्कत होती है, अब जो फायर स्टेशन के लिए स्थल चिन्हांकित की गयी है वह शहर के मध्य स्थित है, जिससे किसी भी दुर्घटना या आपातकाल से निपटने में आसानी होगी।
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