बिहार को एनडीए ने बनाया क्राइम कैपिटल: अखिलेश का आरोप, चुनाव आयोग को भी घेरा
पटना। बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने राज्य की कानून-व्यवस्था और चुनाव आयोग की कार्यशैली पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने एनडीए सरकार पर बिहार को क्राइम कैपिटल ऑफ इंडिया बना देने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य के लोग अब भगवान भरोसे हैं।
कांग्रेस नेता अखिलेश ने कहा, कि बिहार आज जिस दौर से गुजर रहा है, उसमें हर कोई भगवान की तरफ देख रहा है। अकेले पटना में ही पिछले छह महीने में 116 से ज्यादा हत्याएं हो चुकी हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने इसे एनडीए की विफल कानून व्यवस्था का नतीजा बताया और कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में है। चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट रिवीजन में आधार कार्ड को अनिवार्य नहीं मानने पर भी कांग्रेस नेता ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा, पूरे देश में प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं – मेरी आधार, मेरी पहचान, लेकिन चुनाव आयोग इस पहचान को ही मान्यता नहीं दे रहा है। यह विरोधाभास है। उन्होंने यह भी बताया कि राहुल गांधी ने इसी मुद्दे को लेकर बिहार में सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया था ताकि किसी नागरिक को मताधिकार से वंचित न किया जा सके।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में वोटर वेरिफिकेशन संभव नहीं
बिहार में गंगा के किनारे बसे 60प्रतिशत क्षेत्रों में हर साल बाढ़ आती है, इस पर ध्यान दिलाते हुए सिंह ने कहा, इन इलाकों में एक जिला से दूसरे जिला जाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में मात्र 25 दिनों में वोटर लिस्ट रिवीजन कराना संभव नहीं है। इलेक्शन कमीशन को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट की सिफारिश का हवाला
अखिलेश सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी चुनाव आयोग को आधार, वोटर आईडी और राशन कार्ड को पहचान पत्र के रूप में शामिल करने की सिफारिश की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 28 जुलाई को चुनाव आयोग की बैठक में जनहित में फैसला लिया जाएगा।
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