विक्रमादित्य वैदिक घड़ी बताएगी भारतीय समय चक्र, महाभारत काल के साथ मिलेगा 7 हजार सालों का डाटा
भोपाल: मध्य प्रदेश से भारत के समय की पुनर्स्थापना की पहल शुरू की जा रही है. महाभारत के साथ वर्षों पुराने काल गणना के आधार पर इस घड़ी में समय देखा जा सकेगा. इसमें महाभारत काल के साथ 7 हजार साल से अधिक वर्षों के पंचांग, तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, मास, व्रत और त्यौहार आदि की दुर्लभ जानकारियों को समाहित किया गया है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शौर्य स्मारक में 1 सितंबर को विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण करेंगे.
भारतीय काल गणना पर आधारित विश्व की पहली घड़ी
मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी ने बताया कि "विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय काल गणना पर आधारित विश्व की पहली घड़ी है. विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय परंपरा, वैदिक गणना और वैज्ञानिक दृष्टि का अद्भुत संगम है. इस घड़ी के माध्यम से भारत के गौरवपूर्ण समय को पुनर्स्थापित करने का प्रयास है. यह प्रयास विरासत और विकास, प्रकृति और तकनीक का संतुलन होगा. यह भारत की सांस्कृतिक धुरी बनकर वैश्विक भाषाओं और परंपराओं, आस्थाओं व धार्मिक कार्यों को जोड़ने वाली कड़ी बनेगी."
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