दीप्ति नंबर-1 बॉलर बनीं, तो लॉरा वुल्वार्ट ने रन का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा
नई दिल्ली: एक महीने से भी ज्यादा वक्त के बाद ICC विमेंस वर्ल्ड कप 2025 का अंत हो गया. भारत और साउथ अफ्रीका के बीच नवी मुंबई में खेले गए फाइनल के साथ ही टूर्नामेंट का 13वां एडिशन पूरा हो गया और महिला क्रिकेट को एक नई चैंपियन मिल गई. टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका को हराते हुए वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाने का अपना इंतजार भी खत्म कर दिया. टीम इंडिया की जीत की स्टार दीप्ति शर्मा रहीं, जिन्होंने फाइनल में 5 विकेट लेकर टीम इंडिया को जीत तक पहुंचाया. इसमें सबसे अहम विकेट साउथ अफ्रीकी कप्तान लॉरा वुल्वार्ट का भी रहा. संयोग से यही दोनों खिलाड़ी बॉलिंग और बैटिंग के मामले में वर्ल्ड कप की बेस्ट खिलाड़ी साबित हुईं.
वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ वुल्वार्ट बेस्ट बल्लेबाज
इस टूर्नामेंट में कई खिलाड़ियों ने निजी तौर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया. बैटिंग की बात करें तो टीम इंडिया की स्टार ओपनर और उप-कप्तान स्मृति मंधाना ने 400 से ज्यादा रन बनाए, जबकि पहली बार वर्ल्ड कप में खेल रहीं प्रतिका रावल ने भी 300 से ज्यादा रन बनाए. इसी तरह ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज ऑलराउंडर ऐश्ली गार्डनर ने विकेट लेने के साथ ही 300 से ज्यादा रन बनाए. मगर टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने की उपलब्धि हासिल की साउथ अफ्रीकी कप्तान लॉरा वुल्वार्ट ने.
पहली बार वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीकी टीम की कप्तानी कर रहीं स्टार बल्लेबाज वुल्वार्ट ने टूर्नामेंट में निरंतर रन बनाने का सिलसिला जारी रखा और टूर्नामेंट में 500 से ज्यादा रन बनाने वाली इकलौती बल्लेबाज रहीं. सिर्फ इतना ही नहीं, वुल्वार्ट ने एक महिला वर्ल्ड कप एडिशन में सबसे ज्यादा रन का एलिसा हीली का रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिया. हीली ने वर्ल्ड कप 2022 में 509 रन बनाए थे. वुल्वार्ट ने फाइनल में एक शानदार शतक जमाया. भले ही ये उनकी टीम को जीत दिलाने के लिए काफी नहीं था लेकिन वो 571 रन बनाकर वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज साबित हुईं. इतना ही नहीं, वो पुरुष और महिला वर्ल्ड कप के इतिहास में सेमीफाइनल और फाइनल में शतक जमाने वाली पहली कप्तान भी बन गईं.
दीप्ति ने झटके सबसे ज्यादा विकेट
दूसरी ओर गेंदबाजी में भी कई खिलाड़ियों का बेहतरीन प्रदर्शन रहा. ये वर्ल्ड कप भारत और श्रीलंका में खेला गया और उम्मीद के मुताबिक स्पिनर्स का ही इसमें जलवा देखने को मिला. सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली शीर्ष 6 गेंदबाजों में से 5 स्पिनर्स ही हैं. इकलौती तेज गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया की एनाबेल सदरलैंड रहीं, जिन्होंने 8 मुकाबलों में 17 विकेट हासिल किए थे. मगर इन सबमें से बाजी मारी भारत की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने.
फाइनल से पहले दीप्ति और सदरलैंड के 17-17 विकेट थे. मगर फाइनल में दीप्ति ने हैरतअंगेज प्रदर्शन करते हुए 5 विकेट लेकर टीम इंडिया को चैंपियन बनाया और इसके साथ ही टूर्नामेंट की सबसे सफल गेंदबाज साबित हुईं. दीप्ति एक वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट का रिकॉर्ड नहीं तोड़ सकीं, लेकिन 22 विकेट के साथ वो सबसे ऊपर रहीं. वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया की लिन फुलस्टन (1982 में) ने 23 विकेट लेकर बनाया था. मगर दीप्ति एक वर्ल्ड कप में भारत की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज जरूर बन गईं. इतना ही नहीं, दीप्ति ने टूर्नामेंट में 3 अर्धशतकों की मदद से 215 रन भी बनाए.
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