राहुल द्रविड़ को फिर याद आ गया वो मनहूस 19 नवंबर, बोले- एक खराब दिन सब कुछ बिगाड़ सकता है
टीम इंडिया के पूर्व कोच राहुल द्रविड़ ने भारतीय टीम को टी20 विश्व कप डिफेंड करने के लिए फेवरेट बताया है। उन्हीं की कोचिंग ने भारत ने 17 साल बाद टी20 विश्व कप 2024 में जीता था। 29 जून को भारतीय टीम फिर से विश्व चैंपियन बनी थी और उसके बाद राहुल द्रविड़ ने हेड कोच के तौर पर अपना इस्तीफा दे दिया था। वे पहले ही अपने इस्तीफे को पोस्टपोन कर चुके थे, जब टीम को वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल में हार मिली थी। 13 साल का सूखा भारत ने 2024 में खत्म किया था और अब कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव की जोड़ी के पास मौका है कि वे इतिहास लिखें, क्योंकि कोई भी टीम टाइटल डिफेंड नहीं कर पाई है और न ही घर पर टी20 विश्व कप जीत पाई है।भले ही टीम पिछले करीब ढाई साल से घर पर टी20 सीरीज नहीं हारी है, लेकिन राहुल द्रविड़ ने याद दिलाया कि T20 क्रिकेट में, एक खराब दिन सब कुछ बिगाड़ सकता है। 19 नवंबर 2023 (वर्ल्ड कप 2023 फाइनल वर्सेस ऑस्ट्रेलिया) को याद करते हुए द्रविड़ ने कहा, “इंडियन टीम कितनी भी मजबूत क्यों न हो, ऑफिस में एक खराब दिन सब कुछ बिगाड़ सकता है।” पिछले वनडे वर्ल्ड कप में टीम इंडिया ने सेमीफाइनल तक सभी 10 मैच शानदार अंदाज में जीते थे, लेकिन फाइनल में भारत को ऑस्ट्रेलिया से हार मिली थी। इसके बाद द्रविड़ ने पद छोड़ने के बारे में सोचा था, लेकिन रोहित शर्मा ने उन्हें अगले छह महीने तक पद पर बने रहने के लिए मना लिया था।T20 क्रिकेट में भारतीय टीम के दबदबे पर जोर देते हुए राहुल द्रविड़ ने कहा है कि हमारी टीम का हाल के सालों में सक्सेज रेट 80 फीसदी है। द्रविड़ ने आर. कौशिक की किताब 'द राइज ऑफ द हिटमैन' के एक इवेंट में कहा, "वे साफ तौर पर फेवरेट के तौर पर शुरू करते हैं और वे सेमीफाइनल में पहुंचेंगे, लेकिन जैसा कि मैंने अपनी बहुत निराशा से सीखा है, यह उस दिन बेहतर टीम के बारे में है। कोई भी अच्छी पारी खेलकर आपको परेशान कर सकता है।" द्रविड़ ने भारत के व्हाइट-बॉल गेम को बदलने का क्रेडिट कप्तान रोहित शर्मा को भी दिया। इंग्लैंड के खिलाफ 2022 T20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल की निराशाजनक हार के बाद रोहित ने बैटिंग में एक क्रांति ला दी, जिसका असर अब शायद खत्म नहीं होगा।
लोन की ईएमआई पर राहत बरकरार: आरबीआई एमपीसी ने 5.25% पर स्थिर रखी रेपो रेट, न्यूट्रल स्टांस जारी
पवन खेड़ा को मिली राज्यसभा की सीट, शीला दीक्षित के रहे थे पीएस
सरकारी प्रतिभूतियों पर टैक्स का बोझ हुआ खत्म: विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बॉन्ड मार्केट में निवेश का खुला बड़ा रास्ता
आरबीआई पॉलिसी के बाद बाजार में उतार-चढ़ाव: रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, शुरुआती बढ़त गंवाकर दायरे में सिमटे सेंसेक्स और निफ्टी
सोने की कंपनी में 'कागजी खेल': सेबी ने उजागर किया राजेश एक्सपोर्ट्स का कथित रेवेन्यू घोटाला, एलआईसी के निवेश पर बढ़ा संकट