NRI सीटों को जनरल में बदलने पर कोर्ट की रोक
इंदौर|एमपी हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने NEET-PG 2026 की काउंसलिंग को लेकर बड़ा फैसला दिया है. उच्च न्यायालय ने डायरेक्टोरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन (DME) को निर्देश दिया है कि NRI सीटों को जनरल में ना बदला जाए. NRI सीटों को जनरल सीटों में परिवर्तित करने के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी|
क्या हैं पूरा मामला?
दरअसल, NRI अभ्यर्थियों ने DME द्वारा चौथे मॉप-अप राउंड में बची एनआरआई सीटों को जनरल में बदलने के फैसलों को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी. इस मामले में सोमवार (23 फरवरी) को कोर्ट में सुनवाई हुई. याचिकाकर्ता की ओर से न्यायालय में कहा गया कि NRI अभ्यर्थी फर्स्ट राउंड, सेकेंड राउंड और मॉप अप तक एनआरआई कोटे में प्रवेश पाने के हकदार हैं. इसके बाद भी NRI सीटों को जनरल में बदला जा रहा है. कोर्ट में बताया गया कि इससे संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकार प्रभावित हुए|
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में क्या कहा?
एमपी हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाया. अंतरिम आदेश में डीएमई को निर्देश देते हुए कहा कि पीजी एडमिशन नियमों के अनुसार पात्र NRI छात्रों को अंतिम राउंड तक मौका दिया जाए. इन सीटों को जनरल में बदलना सही नहीं है|कानून विशेषज्ञों का कहना है कि ये आदेश एनआरआई छात्रों के हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम है. पारदर्शिता और नियमों के पालन का संदेश देता है. वहीं, छात्रों और परिजनों ने DME से मांग की है कि हाई कोर्ट के आदेश का अच्छे से पालन किया जाए|
नर्मदा तट पर साध्वी हर्षा रिछारिया का बड़ा संकल्प: गौरीघाट पर 11 दिनों तक करेंगी एकांतवास, अध्यात्म और आत्ममंथन के लिए लिया फैसला
ग्वालियर में ग्रीन एनर्जी की ओर बड़ा कदम: मानपुर पहाड़ी पर लगेगा 2.4 मेगावाट का सोलर प्लांट, नगर निगम को हर महीने 9 लाख की बचत
कर्नाटक कैबिनेट में जिम्मेदारियां तय, प्रियांक खरगे को मिला गृह मंत्रालय
रायसेन में भीषण सड़क हादसा: दो यात्री बसों के बीच आमने-सामने जोरदार भिड़ंत, 4 लोगों की मौत, 20 से अधिक घायल
कर्नाटक कांग्रेस में अंदरूनी कलह तेज: रामलिंगा के बाद एक और मंत्री ने उठाए विभागों के बंटवारे पर सवाल, सीएम शिवकुमार की बढ़ीं मुश्किलें