एमपीपीएससी में बड़ी लापरवाही: राज्य पात्रता परीक्षा में गलत प्रश्नपत्र वितरण से हड़कंप
MPPSC- रविवार को मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग एमपीपीएससी की राज्य पात्रता परीक्षा आयोजित की गई। 1 मार्च को प्रदेशभर में अनेक केंद्रों पर यह परीक्षा हुई। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य पात्रता परीक्षा एक सत्र में आयोजित की गई। यह परीक्षा दोपहर 12 बजे से प्रारंभ होकर अपरान्ह 3 तक चली। परीक्षा ऑफलाइन मोड में कराई गई। एमपीपीएससी की इस अहम परीक्षा के लिए तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। इसकी निष्पक्षता और लोगों में परीक्षा के प्रति विश्वास बनाए रखने के लिए आइएएस अफसरों को संभागीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया। तमाम तैयारियों के बावजूद राज्य पात्रता परीक्षा में गफलत हो गई। भोपाल के एक परीक्षा केंद्र में गलत पेपर बांट दिया गया। करीब आधे घंटे बाद अभ्यर्थियों से पेपर वापस लिया गया।
एमपीपीएससी MPPSC के राज्य पात्रता परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों को कम से कम 45 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य रखा गया था। इस प्रकार परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों को सुबह 11.15 बजे तक प्रवेश दिया गया।
एमपीपीएससी की राज्य पात्रता परीक्षा सागर जिला मुख्यालय पर भी आयोजित की गई। शहर में इसके लिए 23 केंद्र बनाए गए थे। एमपीपीएससी MPPSC की राज्य पात्रता परीक्षा के लिए सेवानिवृत्त आइएएस मनोहर दुबे को संभागीय पर्यवेक्षक बनाया गया था।
कमला नेहरू परीक्षा केंद्र में गड़बड़ी
राज्य पात्रता परीक्षा में राजधानी भोपाल के एक परीक्षा केंद्र में गलत पेपर बांट दिया गया। राजधानी के कमला नेहरू हायर सेेंकेंडरी सीबीएसई स्कूल परीक्षा केंद्र में यह गड़बड़ी हुई। 11.55 बजे एमपीपीएससी की प्रश्न पत्र पुस्तिका वितरित की गई जिसमें गलत पेपर बांट दिया गया। जब इसकी भनक लगी तो करीब आधे घंटे बाद अभ्यर्थियों से यह पेपर वापस ले लिया गया। तब तक अभ्यर्थी प्रश्नपत्र के सवालों को हल कर चुके थे। गलत पेपर वापस लेने के बाद अभ्यर्थियों को दूसरा पेपर बांटा गया। इसे लेकर काफी गहमागहमी की स्थिति बनी रही।
दस्तावेजों के बिना प्रवेश नहीं
परीक्षा में बिना उचित दस्तावेजों के प्रवेश नहीं दिया गया। प्रवेश पत्र, फोटोयुक्त पहचान पत्र (आधार/वोटर आइडी आदि), निर्धारित स्याही का पेन (गोले भरने के लिए), स्वयं का फोटो, पारदर्शी पानी की बोतल, ई-प्रवेश पत्र में उल्लेखित अन्य अनुमत सामग्री के साथ प्रवेश दिया गया।
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