ईरान मुद्दे पर कांग्रेस-भाजपा में घमासान, राहुल गांधी के बयान पर सत्तारूढ़ दल का पलटवार
नई दिल्ली।भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को कांग्रेस पर निशाना साधा। पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रस चाहती है कि भारत सोच-समझे बिना ईरान के पक्ष में खड़ा हो जाए, जबकि चीन तेहरान से दूरी बना रहा है। सत्तारूढ़ पार्टी ने कहा कि भारत की नीति राष्ट्रीय हित और देश के नागरिकों की सुरक्षा के आधार पर तय होनी चाहिए, न कि विपक्ष की पुरानी विरारधारा पर।
अमित मालवीय ने क्या कहा?
भाजपा के अमित मालवीय और प्रदीप भंडारी समेत कई नेताओं ने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीतिक करने का आरोप लगाया। मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, चीन ने वर्षों तक ईरान का कूटनीतिक समर्थन किया और उसका तेल खरीदा, लेकिन अब उससे दूरी बना रहा है। इसके बावजूद कांग्रेस ईरान के लिए भारत का आंख बंद करके समर्थन चाहती है, जबकि खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है और वहां लाखों भारतीय रहते हैं और काम करते हैं।
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि पश्चिम एशिया का संघर्ष भारत के करीब पहुंच गया है। लेकिन सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत को मजबूत नेतृत्व की जरूरत, लेकिन देश के पास समझौता कर चुके प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने भारत की रणनीतिक स्वायत्तता से समझौता किया है।
पलटवार करते हुए प्रदीप भंडारी क्या बोले?
इस पर जवाब देते हुए भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, कांग्रेस ऐसे संघर्ष पर भारत से टिप्पणी करवाना चाहती है, जिसमें देश सीधे तौर पर शामिल नहीं है। उन्होंने आरोप लगाा कि कांग्रेस का इतिहास राष्ट्रीय के हित के मामलों में चुप्पी का रहा है।वहीं, भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी कांग्रेस पर हमला किया। उन्होंने कहा कि जब मनमोहन सिंह सरकार सत्ता में थी, तब मंत्रियों को माओवाद के मुद्दे पर सार्वजनिक बयान देने से रोका गया था। उन्होंने दावा किया, कांग्रेस पहले भी कमजोर थी और आज भी राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर वैसी ही नजर आती है।
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