‘वंदे मातरम्’ बयान पर भड़के केके मिश्रा, अपनी ही पार्टी के पार्षदों को दी नसीहत
इंदौर | नगर निगम के दो दिवसीय बजट सत्र के दौरान बुधवार को जमकर हंगामा हो गया. वंदे मारतम् को लेकर कांग्रेस की पार्षद फौजिया शेख ने कहा कि इस्लाम में वंदे मारतम् को गाने की इजाजत नहीं है, तो वहीं दूसरी कांग्रेस पार्षद रूबीना खान ने भी भाजपा के पार्षदों को चुनौती देते हुए कहा कि एक बाप की औलाद हो तो वंदे मारतम् बुलवाकर दिखाओ.
पार्षदों पर भड़के कांग्रेस नेता केके मिश्रा
इस पूरे मामले में नगर निगम के सदन से बाहर आने के बाद से ही राजनीतिक विवाद गहराया गया. भाजपा ने इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी, तो वहीं कांग्रेस पार्टी भी पार्षदों के बयान पर भड़क गई. कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने मामले में पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि ‘जो राष्ट्रधर्म नहीं निभा सकते हैं, वन्दे मातरम् नहीं बोल सकते हैं, वे जाएं भाड़ में, पाकिस्तान जाकर बसें.’
विवाद पर पार्षद फौजिया ने दी सफाई
पार्षदों के इस बयान के बाद से ही राजनीति गरमा गई. बाद में फौजिया ने सफाई देते हुए कहा कि संविधान में वंदे मातरम् को लेकर कोई दिशा-निर्देश नहीं है. उन्होंने कहा कि इसे गाने के लिए किसी को बाध्य नहीं किया जा सकता. मामले में हंगामा बढ़ता देख सदन सभापति मुन्नालाल यादव ने फौजिया शेख को पूरे दिन के लिए सदन से बाहर कर दिया.
पार्षद ने महापौर को धृतराष्ट्र कह दिया
अपमानजनक शब्दों का विवाद यहीं नहीं रूका. एक कांग्रेस पार्षद ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव को धृतराष्ट्र कह दिया, तो वहीं दूसरे पार्षदों ने भाजपाई पार्षदों काे कुत्ते जैसे भौंकते हैं कहा दिया. एक पार्षद ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया को गद्दार बता दिया. सदन में हंगामा होता रहा और सभापति के सामने सभी पार्षद धरना देते रहे. बजट सत्र में बहस के लिए जमा हुए सभी पार्षद एक-दूसरे को नीचा दिखाने में जुटे रहें.
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