मोहन कैबिनेट की आज अहम बैठक, किसानों से जुड़े बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर
भोपाल: मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार आज प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक उन्नति के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक आयोजित कर रही है। मंगलवार, 5 मई 2026 को मंत्रालय में होने वाली इस बैठक का केंद्र बिंदु 'अन्नदाता' और प्रदेश का 'औद्योगिक विकास' है। बैठक में लिए जाने वाले निर्णयों का सीधा असर राज्य के लाखों किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। मुख्यमंत्री का मुख्य फोकस केंद्र सरकार के ‘राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ को मध्य प्रदेश में नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।
किसानों के लिए सौगात: दलहन पर भारी बोनस की तैयारी
कैबिनेट बैठक में सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित प्रस्ताव दलहन फसलों (दालों) के उत्पादन पर विशेष बोनस देने का है। सूत्रों के अनुसार, मोहन सरकार उड़द, मसूर, चना और तुअर जैसी फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए भारी-भरकम बोनस योजना पर मुहर लगा सकती है। विशेष रूप से चर्चा है कि उड़द उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अतिरिक्त 600 रुपये प्रति क्विंटल तक का बोनस दिया जा सकता है। यह योजना दो चरणों में लागू की जाएगी, जिसका प्राथमिक लक्ष्य वर्ष 2030-31 तक देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना और राज्य में दलहन की खेती का रकबा बढ़ाना है।
आत्मनिर्भरता की ओर कदम: नई दाल मिलों और सब्सिडी का प्रस्ताव
राज्य में केवल उत्पादन बढ़ाना ही नहीं, बल्कि दलहन प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए भी अहम फैसले लिए जा सकते हैं। बैठक में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में 5 नई आधुनिक दाल मिलें स्थापित करने का प्रस्ताव चर्चा में है। इन मिलों की स्थापना के लिए सरकार द्वारा बड़ी मात्रा में सब्सिडी प्रदान की जा सकती है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिल सकेगा। यह कदम मध्य प्रदेश को दलहन के क्षेत्र में न केवल उत्पादक बल्कि एक प्रमुख प्रसंस्करण केंद्र के रूप में भी स्थापित करेगा।
जनहितैषी योजनाओं की निरंतरता और विभागीय विस्तार
बैठक में किसानों के अलावा समाज के अन्य वर्गों के लिए भी महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा होगी। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा लोक निर्माण विभाग की कई महत्वपूर्ण योजनाओं को अगले पाँच वर्षों के लिए निरंतर जारी रखने के प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। गौरतलब है कि पिछली बैठक में भी सरकार ने 53 हजार करोड़ रुपये की विशाल बजट वाली योजनाओं को वर्ष 2031 तक विस्तार देने की मंजूरी दी थी। कैबिनेट के इन संभावित फैसलों से यह स्पष्ट है कि सरकार विकास कार्यों की निरंतरता और अधोसंरचना निर्माण को लेकर अत्यंत गंभीर है।
जनहितैषी योजनाओं की निरंतरता और विभागीय विस्तार
बैठक में किसानों के अलावा समाज के अन्य वर्गों के लिए भी महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा होगी। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा लोक निर्माण विभाग की कई महत्वपूर्ण योजनाओं को अगले पाँच वर्षों के लिए निरंतर जारी रखने के प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। गौरतलब है कि पिछली बैठक में भी सरकार ने 53 हजार करोड़ रुपये की विशाल बजट वाली योजनाओं को वर्ष 2031 तक विस्तार देने की मंजूरी दी थी। कैबिनेट के इन संभावित फैसलों से यह स्पष्ट है कि सरकार विकास कार्यों की निरंतरता और अधोसंरचना निर्माण को लेकर अत्यंत गंभीर है।
तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में एसजीएसआईटीएस, इंदौर की "शासी निकाय की 129वीं" बैठक हुई
सिंगाजी ताप विद्युत गृह में आधुनिक रेलवे प्लेटफॉर्म का शुभारंभ
इंदौर में 9 से 13 जून तक होगा ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों का सम्मेलन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
केरवा डैम के क्षतिग्रस्त वेस्टवियर का कार्य आगामी दो माह में पूर्ण करें : जल संसाधन मंत्री सिलावट
लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए 38 हजार 555 करोड़ रूपये की स्वीकृति