कांग्रेस का संगठनात्मक बड़ा बदलाव, 2029 चुनाव को लेकर तैयारी तेज
नई दिल्ली: आगामी चुनावी चुनौतियों और साल 2029 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) के रोडमैप को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस पार्टी अपने संगठन (Congress Organization) में एक बड़े और व्यापक फेरबदल की तैयारी में जुट गई है। पार्टी के भीतर संगठनात्मक स्तर पर बड़े बदलावों की सुगबुगाहट तेज है। सूत्रों के मुताबिक, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के केंद्रीय पदाधिकारियों से लेकर कई महत्वपूर्ण राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों और प्रभारियों की छुट्टी की जा सकती है और उनकी जगह नए चेहरों को मौका मिल सकता है।
पार्टी आलाकमान का मुख्य फोकस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना और राज्यों में एक आक्रामक व सक्रिय नेतृत्व खड़ा करना है। हालिया संगठनात्मक बैठकों में कई प्रदेश इकाइयों के कामकाज की जो समीक्षा रिपोर्ट सामने आई है, उसी के आधार पर अब युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने पर गंभीरता से विचार चल रहा है।
पंजाब और कर्नाटक में बदलाव की अटकलें सबसे तेज
जिन राज्यों में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं सबसे ज्यादा गर्म हैं, उनमें पंजाब और कर्नाटक सबसे ऊपर हैं:
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पंजाब: पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी और अंदरूनी खींचतान के साथ-साथ हालिया सियासी प्रदर्शन को देखते हुए हाईकमान यहां जल्द ही कड़े फैसले ले सकता है। नए प्रदेश अध्यक्ष के चेहरे को लेकर मंथन जारी है।
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कर्नाटक: राज्य में सत्ता में होने के बावजूद संगठन की कमान को लेकर पार्टी के भीतर लॉबिंग तेज है। आलाकमान की कोशिश एक ऐसे चेहरे को जिम्मेदारी सौंपने की है जो सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बिठा सके।
दक्षिण भारत से लेकर यूपी-राजस्थान तक समीक्षा
पार्टी नेतृत्व की नजर केवल उत्तर या दक्षिण तक सीमित नहीं है, बल्कि देशव्यापी स्तर पर बदलाव का खाका खींचा जा रहा है:
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केरल और तमिलनाडु: दक्षिण के इन दोनों राज्यों में वहां के मौजूदा सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नए और ऊर्जावान नेतृत्व को सामने लाने की तैयारी है।
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उत्तर प्रदेश और राजस्थान: हिंदी पट्टी के इन दो बड़े राज्यों में भी मौजूदा प्रदेश अध्यक्षों और उनकी टीमों के कामकाज का कड़ाई से मूल्यांकन किया जा रहा है। माना जा रहा है कि इन राज्यों में भविष्य की राजनीति के लिहाज से कुछ चौंकाने वाले बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
आंध्र प्रदेश और गोवा में भी बढ़ी सियासी हलचल
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आंध्र प्रदेश: राज्य में कांग्रेस को दोबारा खड़ा करने की रणनीति के तहत नए राजनीतिक समीकरण तलाशे जा रहे हैं, जिसके लिए बड़े संगठनात्मक बदलाव किए जा सकते हैं।
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गोवा: गोवा कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर पिछले दिनों लिए गए कुछ फैसलों के बाद स्थानीय स्तर पर असंतोष और नाराजगी की खबरें सामने आई हैं, जिसने केंद्रीय नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। यहां भी डैमेज कंट्रोल के लिए नए विकल्प देखे जा रहे हैं।
चुनावी मोड में लाने की तैयारी: कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व आने वाले कुछ ही महीनों के भीतर पूरे संगठन को पूरी तरह से चुनावी मोड में लाना चाहता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यों के स्तर पर होने वाले ये संभावित बदलाव महज तात्कालिक नहीं हैं, बल्कि यह पार्टी की लंबी अवधि की रणनीति और भविष्य की राजनीति का हिस्सा हैं।
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