मुंबई: लियोटेक इंडस्ट्रीज की शेयर बाजार में निराशाजनक शुरुआत, लिस्टिंग के साथ ही निवेशकों को भारी झटका

घरेलू हार्डवेयर और एक्सेसरीज बनाने वाली कंपनी लियोटेक इंडस्ट्रीज के शेयरों की आज शेयर बाजार में बेहद खराब शुरुआत हुई। बीएसई एसएमई (BSE SME) प्लेटफॉर्म पर कंपनी के शेयर भारी डिस्काउंट के साथ लिस्ट हुए। इस आईपीओ को लेकर निवेशकों में मिला-जुला उत्साह देखा गया था, जहाँ रिटेल इनवेस्टर्स के सहारे यह कुल 1.91 गुना सब्सक्राइब हो सका था। कंपनी ने आईपीओ के तहत ₹321 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था, लेकिन आज इसकी शुरुआत ₹257.00 पर हुई। इसका मतलब है कि निवेशकों को कोई मुनाफा नहीं हुआ, बल्कि शुरुआती स्तर पर ही उनकी पूंजी में 19.94% की गिरावट आ गई।

लोअर सर्किट ने बढ़ाई चिंता, प्रति लॉट ₹30 हजार से ज्यादा डूबे

लिस्टिंग के तुरंत बाद बिकवाली के दबाव के कारण शेयर की कीमतें और नीचे गिर गईं। यह शेयर फिसलकर ₹244.15 के लोअर सर्किट पर आ गया, जिसके चलते आईपीओ आवेदकों का नुकसान बढ़कर 23.94% हो गया। कंपनी का लॉट साइज 400 शेयरों का था, जिसका मतलब है कि प्रत्येक लॉट पर निवेशकों को ₹30,740 का तगड़ा नुकसान झेलना पड़ा है।

कहाँ इस्तेमाल होगी आईपीओ से जुटी रकम?

लियोटेक इंडस्ट्रीज का ₹36 करोड़ का आईपीओ 17 से 19 जून तक बोली लगाने के लिए खुला था। इस दौरान गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) का कोटा 0.85 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.97 गुना भरा था।

इस पब्लिक इश्यू के जरिए कंपनी ने ₹29 करोड़ मूल्य के फ्रेश शेयर (नए शेयर) जारी किए हैं, जबकि ₹10 की फेस वैल्यू वाले 2.22 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत बेचे गए हैं। ओएफएस से मिला पैसा मौजूदा शेयरधारकों के पास जाएगा। वहीं, नए शेयरों से मिलने वाली रकम का उपयोग कंपनी इस तरह करेगी:

  • ₹8.00 करोड़: नई मशीनरी की खरीद के लिए

  • ₹4.95 करोड़: पुराना कर्ज चुकाने के लिए

  • ₹7.00 करोड़: वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए

  • शेष राशि: सामान्य कॉर्पोरेट कामकाज के लिए

कंपनी का बिजनेस प्रोफाइल: राजकोट में है यूनिट

साल 2020 में स्थापित हुई लियोटेक इंडस्ट्रीज मुख्य रूप से हार्डवेयर स्ट्रक्चर्स और उससे जुड़ी एक्सेसरीज के निर्माण में लगी है। कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में डोर किट्स, कब्ज (Hinges), गेट हुक्स, एल्ड्रॉप, ताले, हैंडल, टावर बोल्ट, डोर स्टॉपर्स, बेड लिफ्टर्स और टेबल ब्रैकेट्स शामिल हैं। कंपनी मुख्य रूप से बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) मॉडल पर काम करती है और इसकी मुख्य मैन्युफैक्चरिंग यूनिट गुजरात के राजकोट में स्थित है।

वित्तीय मोर्चे पर प्रदर्शन: मुनाफे में लगातार बढ़त

बाजार में कमजोर शुरुआत के बावजूद कंपनी का वित्तीय रिकॉर्ड मजबूत दिख रहा है। कंपनी के मुनाफे में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है:

  • वित्त वर्ष 2023: ₹35 लाख का नेट प्रॉफिट

  • वित्त वर्ष 2024: ₹2.93 करोड़ का नेट प्रॉफिट

  • वित्त वर्ष 2025: ₹4.16 करोड़ का नेट प्रॉफिट

इस अवधि के दौरान कंपनी की कुल आय 118% से अधिक की सालाना कंपाउंडेड ग्रोथ (CAGR) के साथ ₹40.69 करोड़ हो गई। चालू वित्त वर्ष की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2025 की अवधि में कंपनी ने ₹51.79 करोड़ की कुल आय पर ₹5.49 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया है। दिसंबर 2025 के अंत तक कंपनी पर ₹4.81 करोड़ का कुल कर्ज था, जबकि इसके पास ₹12.93 करोड़ का रिजर्व और सरप्लस मौजूद है।