जबलपुर का ‘स्टोन मैन’: नर्मदा से मिले करोड़ों साल पुराने रहस्य
जबलपुर |अमूमन लोगों को यूनीक चीज इकट्ठा करने का अनोखा शौक होता है. ऐसे ही जबलपुर के एक बुजुर्ग हैं जिन्होंने अपने पूरे जीवन ऐसे पत्थरों का कलेक्शन किया है, जो बेहद अनोखे हैं और इसीलिए इन्हें ‘स्टोन मैन’ के नाम से जाना जाता है. जबलपुर शहर के इस स्टोन मैन ने माॅ नर्मदा की गोद से कुछ ऐसे अनोखे पत्थर तराशे हैं जो विज्ञान को भी चुनौती दे रहे हैं.गुलाबचंद्र गुप्ता पेशे से कवि हैं, लेकिन इनकी रूची केवल कविताओ तक ही सीमित नही रही बल्कि इनका एक ऐसा शौक भी है, जिससे ये ‘स्टोन मैन’ कहे जाते है. टेबल पर सजे ये पत्थर और फॉसिल आपको आकर्षित करेंगे.
राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुके हैं
वे वाॅटर पोलो स्पोर्टस में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुके हैं. उनकी असीम आस्था मां नर्मदा के प्रति भी हमेशा से रही है. अमूमन पहले वे नर्मदा के तट पर घूमते थे और जो पत्थर उनका मन मोह लेता था वो उसे उठा लेते थे.
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पत्थर पर पानी डालते ही गायब हो जाता है
आपने पहले कभी पानी पीने वाला पत्थर नही देखा होगा. इस पत्थर पर पानी की दो बूंद डालेंगे तो पानी पलक झपकते ही गायब हो जाएगा. ऐसे ही एक फॉसिल्स उल्लू की शक्ल का भी नजर आता है. नर्मदा नदी से निकला यह पत्थर कई सौ साल पुराने बताए जाते हैं, क्योंकि ये पत्थर नहीं बल्कि फॉसिल्स हैं. जबलपुर में इस धरती की सबसे पुरानी चट्टानें पाई जाती हैं, इसलिए यह पत्थर अपने आप में बेहद अनोखे हैं.
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