United States का Beijing पर दबाव, टैरिफ पर सख्त रुख
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन की अपनी आगामी महत्वपूर्ण यात्रा से पहले व्यापारिक मोर्चे पर बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सस्ते विदेशी आयात ने अमेरिकी घरेलू उद्योगों की कमर तोड़ दी है और उनकी सरकार की टैरिफ नीतियां इस असंतुलन को ठीक करने के लिए सबसे प्रभावी हथियार साबित हो रही हैं। चीन के दौरे पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होने वाली मुलाकात से ठीक पहले ट्रंप के इस आक्रामक तेवर ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों और व्यापार विशेषज्ञों के बीच व्यापक हलचल पैदा कर दी है।
आयात शुल्क की नीति और स्वदेशी उद्योगों की वापसी
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संबोधन में तर्क दिया कि चीन जैसे देशों से आने वाले सस्ते और निम्न गुणवत्ता वाले उत्पादों ने अमेरिकी बाजार में अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा की है। उन्होंने टैरिफ को राजस्व का एक बड़ा स्रोत बताते हुए संकेत दिया कि यदि विदेशी दबाव कम नहीं हुआ, तो इन दरों में और भी वृद्धि की जा सकती है। ट्रंप ने उन कंपनियों को सीधा संदेश दिया जो ऊंचे शुल्कों से बचना चाहती हैं, कि वे अपना उत्पादन केंद्र वापस अमेरिका में स्थानांतरित करें। उनके अनुसार, इस नीति का सकारात्मक प्रभाव अब दिखने लगा है और ऑटोमोबाइल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के उद्योग फिर से अमेरिकी जमीन पर लौटने लगे हैं।
चीन के साथ प्रतिस्पर्धा और तकनीकी प्रभुत्व
अमेरिका और चीन के द्विपक्षीय संबंधों पर बात करते हुए ट्रंप ने इसे एक चुनौतीपूर्ण लेकिन प्रतिस्पर्धी मित्रता करार दिया। उन्होंने विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अमेरिका की बढ़त का उल्लेख करते हुए दावा किया कि तकनीक के मामले में अमेरिका आज भी चीन से काफी आगे है। पिछली व्यापार नीतियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि दशकों तक देश के आर्थिक हितों की अनदेखी की गई, लेकिन वर्तमान सरकार की टैरिफ नीतियों ने अमेरिका को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि कानूनी चुनौतियों के बावजूद वे घरेलू उद्योगों के संरक्षण के लिए अन्य कड़े विकल्पों का उपयोग करने से पीछे नहीं हटेंगे।
अर्थव्यवस्था की रीढ़ और छोटे व्यवसायों का सशक्तिकरण
टैरिफ के मुद्दों के बीच राष्ट्रपति ने 'नेशनल स्मॉल बिजनेस वीक' के अवसर पर देश के छोटे व्यापारियों के योगदान की जमकर सराहना की। उन्होंने छोटे व्यवसायों को अमेरिकी अर्थव्यवस्था की असली रीढ़ बताते हुए कहा कि देश के लगभग 36 मिलियन लघु उद्यमी कुल आर्थिक गतिविधियों में 40 प्रतिशत की महत्वपूर्ण भागीदारी निभाते हैं। ट्रंप ने विकास की गति को बनाए रखने के लिए करों में कटौती और जटिल नियमों में ढील देने की अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया। उन्होंने विश्वास जताया कि छोटे व्यवसायों को दी गई छूट और टैरिफ से होने वाली आय मिलकर अमेरिका को वैश्विक मंच पर और अधिक शक्तिशाली बनाएंगे।
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